“योगः कर्मसु कौशलम्”
— भगवद्गीता (2.50)
Home›Chapters›Chapter 1›Shloka 4

अध्याय 1 – अर्जुनविषादयोग

कुरुक्षेत्र में अर्जुन के विषाद और धर्म-संकट का वर्णन।

श्लोक 1.4

संस्कृत श्लोक

अत्र शूरा महेष्वासा भीमार्जुनसमा युधि |
युयुधानो विराटश्च द्रुपदश्च महारथः ||१-४||
atra śūrā maheṣvāsā bhīmārjunasamā yudhi .
yuyudhāno virāṭaśca drupadaśca mahārathaḥ ||1-4||

हिंदी अर्थ

।।1.4।।इस सेना में महान् धनुर्धारी शूर योद्धा है ,  जो युद्ध में भीम और अर्जुन के समान हैं , जैसे --  युयुधान, विराट तथा महारथी राजा द्रुपद।

▶ वीडियो (YouTube)

इस श्लोक का वीडियो जोड़ेंWordPress Admin → Gita Shlokas → Shloka 1.4 → YouTube Video URL