अध्याय 8 – अक्षरब्रह्मयोग
अक्षर ब्रह्म और अंतिम स्मरण की महिमा।
श्लोक 8.13
संस्कृत श्लोक
ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म व्याहरन्मामनुस्मरन् |
यः प्रयाति त्यजन्देहं स याति परमां गतिम् ||८-१३||
यः प्रयाति त्यजन्देहं स याति परमां गतिम् ||८-१३||
omityekākṣaraṃ brahma vyāharanmāmanusmaran .
yaḥ prayāti tyajandehaṃ sa yāti paramāṃ gatim ||8-13||
yaḥ prayāti tyajandehaṃ sa yāti paramāṃ gatim ||8-13||
हिंदी अर्थ
।।8.13।। जो पुरुष ओऽम् इस एक अक्षर ब्रह्म का उच्चारण करता हुआ और मेरा स्मरण करता हुआ शरीर का त्याग करता है, वह परम गति को प्राप्त होता है।।
▶ वीडियो (YouTube)
इस श्लोक का वीडियो जोड़ेंWordPress Admin → Gita Shlokas → Shloka 8.13 → YouTube Video URL
