अध्याय 5 – कर्मसंन्यासयोग
कर्मयोग और संन्यास के समन्वय का विवेचन।
श्लोक 5.16
संस्कृत श्लोक
ज्ञानेन तु तदज्ञानं येषां नाशितमात्मनः |
तेषामादित्यवज्ज्ञानं प्रकाशयति तत्परम् ||५-१६||
तेषामादित्यवज्ज्ञानं प्रकाशयति तत्परम् ||५-१६||
jñānena tu tadajñānaṃ yeṣāṃ nāśitamātmanaḥ .
teṣāmādityavajjñānaṃ prakāśayati tatparam ||5-16||
teṣāmādityavajjñānaṃ prakāśayati tatparam ||5-16||
हिंदी अर्थ
।।5.16।। परन्तु जिनका वह अज्ञान आत्मज्ञान से नष्ट हो जाता है, उनके लिए वह ज्ञान, सूर्य के सदृश, परमात्मा को प्रकाशित करता है।।
▶ वीडियो (YouTube)
इस श्लोक का वीडियो जोड़ेंWordPress Admin → Gita Shlokas → Shloka 5.16 → YouTube Video URL
