अध्याय 2 – सांख्ययोग
आत्मा का स्वरूप, कर्म, ज्ञान और समत्व की मूल शिक्षाएँ।
श्लोक 2.9
संस्कृत श्लोक
सञ्जय उवाच |
एवमुक्त्वा हृषीकेशं गुडाकेशः परन्तप |
न योत्स्य इति गोविन्दमुक्त्वा तूष्णीं बभूव ह ||२-९||
एवमुक्त्वा हृषीकेशं गुडाकेशः परन्तप |
न योत्स्य इति गोविन्दमुक्त्वा तूष्णीं बभूव ह ||२-९||
sañjaya uvāca .
evamuktvā hṛṣīkeśaṃ guḍākeśaḥ parantapaḥ .
na yotsya iti govindamuktvā tūṣṇīṃ babhūva ha ||2-9||
evamuktvā hṛṣīkeśaṃ guḍākeśaḥ parantapaḥ .
na yotsya iti govindamuktvā tūṣṇīṃ babhūva ha ||2-9||
हिंदी अर्थ
।।2.9।। संजय ने कहा -- इस प्रकार गुडाकेश परंतप अर्जुन भगवान् हृषीकेश से यह कहकर कि हे गोविन्द "मैं युद्ध नहीं करूँगा" चुप हो गया।।
▶ वीडियो (YouTube)
इस श्लोक का वीडियो जोड़ेंWordPress Admin → Gita Shlokas → Shloka 2.9 → YouTube Video URL
